साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ रहे रोजगार के अवसर, प्रशिक्षण देने के लिए खुल रहे संस्थान
भारत डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के साथ जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे-वैसे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ईआरपी और साइबर सिक्योरिटी का प्रशिक्षण देने के लिए कई बेहतरीन शिक्षण संस्थान खुल रहे हैं। डाटागामी ने भी आईटी शिक्षण शाखा स्मार्ट्री की शुरुआत की है। इसकी पहली शाखा मुंबई में खोली गई है। जिसके बाद आठ शहरों में भी स्मार्टी संस्थान खोले जाएंगे।
एचडीआईएल कैलेडोनिया, मुंबई में स्मार्ट्री के उद्घाटन पर डाटागामी के चीफ मार्केटिंग एंड इंफॉर्मेशन ऑफिसर कौशल बी शाह ने कहा कि स्मार्ट्री में हमने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अत्याधुनिक क्लासरूम बनाए हैं। हम सभी डिजिटल टेक्नोलॉजी कोर्स जैसे एसएएस, आईबीएम और साइबर सिक्योरिटी उपलब्ध करा रहे हैं। हम प्रचलित ऑनलाइन सेल्फ लर्निंग आधारित शिक्षण से आगे बढ़ते हुए फेस-टू-फेस (एफ2एफ) तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना चाहते हैं।
एक बैच में 12 छात्र होंगे
एफ2एफ कॉन्सेप्ट में एक बैच में अधिकतम 12 बच्चे होंगे। कोर्स में 60 प्रतिशत प्रायोगिक अनुभव जिसमें कैपस्टन, ऑस्ट्रेलिया से लाइव केस स्टडी भी शामिल हैं। इसके अलावा 40 प्रतिशत क्लासरूम लर्निंग का संयोजन होगा। स्मार्ट्री नए जमाने के तकनीकी कोर्सेस में से बेहतरीन को क्लासरूम तक लेकर आएगा।
साइबर सुरक्षा को लेकर करना होगा शिक्षित
डेटागामी के पार्टनर रौनक पाटनी ने कहा कि भारत में 2020 तक 700 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ताओं होंगे। इसके अलावा 200 मिलियन ऑनलाइन खरीदारों की संख्या होंगी। लेकिन भारत उन 5 प्रमुख देशों में से हैं जो साइबर क्राइम से बहुत ज्यादा प्रभावित है। ऐसे में वर्तमान और नए उपयोगकर्ताओं को साइबर-सिक्योरिटी के बारे में शिक्षित करना होगा। इससे बड़े स्तर पर लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।